हैदराबाद: तेलंगाना के लिए होने जा रहे आंध्र प्रदेश के बंटवारे के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आज तटीय और दक्षिण आंध्र के इलाकों में तेलंगाना के गठन के खिलाफ लोगों ने बंद का ऐलान किया है। राज्य ट्रांसपोर्ट की बसें भी सड़कों से नदारद हैं। पूरे इलाके में स्कूल और दुकानें पूरी तरह से बंद नजर आ रही हैं।
मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कहा, अलग तेलंगाना राज्य पर फैसला मेरे लिए भी दुखदायी है।
उधर, तेलंगाना के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के कांग्रेसी नेता पूरी तरह से बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसका असर भी अब दिखने लगा है। सीनियर कांग्रेस नेता और गुंटूर से सांसद रायपति सम्बाशिवा राव ने साफ किया कि उन्होंने अलग तेलंगाना के विरोध में पार्टी और अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है।
उनके अलावा अन्य कांग्रेसी सांसद और विधायक आज अपना विरोध जताने के लिए मुख्यमंत्री से भी मिलने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद वे तय करेंगे की विरोध में अपने पद से इस्तीफा दिया जाए या नहीं।
इससे पहले आंध्रप्रदेश को तोड़कर तेलंगाना राज्य बनाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन ने मंगलवार को मुहर लगा दी। कुछ और संवैधानिक औपचारिकताएं अभी बाकी हैं, लेकिन चुनावी साल में तेलंगाना बनने का रास्ता साफ हो गया है।
फैसले के मुताबिक, हैदराबाद 10 साल आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी होगी और अलग तेलंगाना राज्य बनने की पूरी प्रक्रिया मई 2014 तक पूरी होगी हालांकि पहले यह प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। यहां से संसद के दोनों सदनों में इसे पास कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के दस्खत से अलग राज्य की शक्ल तय होगी।
अलग तेलंगाना के ऐलान के साथ ही इसका श्रेय लेने की होड़ भी लग गई है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि एनडीए सरकार ने अलग तेलंगाना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।