नवरात्रि: फिटनेस फार्मूला भी है फलाहार व सदाचार
मुरादाबाद। उपवास और व्रत सिर्फ ईश्वर को खुश करने का रास्ता ही नहीं बल्कि शरीर को फिट करने का माध्यम भी है। कम खाना और संतुलित आहार हर रूप में स्वस्थ्य शरीर के लिए जरूरी बताया गया ...
Read More »नवरात्र पर मां के जयकारों से गूंजे शक्तिधाम
श्री बज्रेश्वरी मंदिर में 15 हजार श्रद्धालु नतमस्तक- कांगड़ा। श्री बज्रेश्वरी मंदिर में वीरवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। नवरात्र का शुभारंभ डीसी सी.पालरासू ने किया। वीर ...
Read More »बच्चों को आध्यात्मिक शिक्षा अवश्य दी जानी चाहिए
ईश्वर ने मनुष्य को मन, बुद्धि और आत्मा विशेष रूप से प्रदत्त की है। इन्हीं के माध्यम से वह विवेकशील होकर समाज से और आत्मा को परमात्मा से जोड़ सकता है। ईश्वर ने मानव को स्थूल शरीर व ...
Read More »स्वामी चिन्मयानंद वेदान्त दर्शन के एक महान प्रवक्ता थे
स्वामी चिन्मयानंद हिन्दू धर्म और संस्कृति के मूलभूत सिद्वांत वेदान्त दर्शन के एक महान प्रवक्ता थे। उन्होंने सारे देश में भ्रमण करते हुए देखा कि देश में धर्म संबंधी अनेक भ्रांतियां ...
Read More »यज्ञ हमारी संस्कृति का मूलाधार है
यज्ञ हमारी संस्कृति का मूलाधार है। जिस प्रकार जीवन का आधार जल होता है उसी प्रकार समस्त शुभ कर्मो का आधार यज्ञ होता है। इसे अग्निहोत्र भी कहते हैं। अग्निहोत्र दो शब्दों के योग से ब ...
Read More »गंगा बचाने को संत समाज गंभीर नहीं
देहरादून। सरकार और वैज्ञानिकों के साथ ही संत भी देशभर में बन रहे बांधों के लिए दोषी है। गंगा के स्वरूप को बचाने के लिए संतों की जिम्मेदारी अधिक है, लेकिन शीर्ष पदों पर बैठे संत इस ...
Read More »छतरपुर मंदिर की पूजा विधि व श्लोक
छतरपुर मंदिर मूल रूप से मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा पूजा और नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश से यहां भक्त एकत्र होते हैं। इस मंदिर की अलग पूजा विधि है। पूजा विधि- जो साधक कुण्डलि ...
Read More »गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने नोडल अधिकारी नियुक्त प्रदेश में साढ़े चार लाख से अधिक हेण्डपम्प कार्यशील
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिये जिलेवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। यह नोडल अधिकारी गर्मी के मौसम के ...
Read More »भगवान के बनो मिलेगी सुख शांति
पानीपत। भगवान का बनने में जो सुख व खुशी मिलती वह विश्व की कोई भी वस्तु को प्राप्त करने में नहीं हो सकती है। भगवान तो सुख व शांति का सागर है। जो उसके आगे अपना सब न्यौछावर करता है त ...
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