जीवन के महत्व से अनभिज्ञ होना दुख का कारण
गोरखपुर। गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि भौतिक संसाधन जुटाने की दौड़ में विश्व दिशाहीन हो गया है। यही कारण है कि जीवन और जगत को व्यवस्थित करने ...
Read More »परमात्मा का हो जाना
पटना। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से गांधी मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में बुधवार को भक्तों ने रासलीला, होली महोत्सव और कंस वध का प्रसंग सुश्री आस्था भारती ...
Read More »अमरनाथ यात्रा: साधुओं के लिए होंगे विशेष प्रबंध
जम्मू। श्री बाबा अमरनाथ की यात्रा नजदीक आते ही प्रशासन ने प्रबंधों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सरकार ने साधुओं के ठहरने और उनके लंगर के लिए विशेष व्यवस्था की है। बाबा अमरना ...
Read More »भय से मनोबल क्षीण होता है
भय को जीवन की सहज प्रवृत्ति माना जाता है। अनुशासन, व्यवस्था, नियमादि के पालन के लिए भय की उपयोगिता है। जीवन की सुरक्षा, बचाव और सावधानी आदि के लिए भय की आवश्यकता है। इसके बावजूद भ ...
Read More »धर्म क्या है..
धर्म क्या है? जब युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछा तो उन्होंने उत्तर दिया था, जिससे अभ्युदय (लौकिक उन्नति) और नि:श्रेयस (पार लौकिक उन्नति-यानी मोक्ष) सिद्ध होते हों वही धर्म है। ध ...
Read More »आत्मा का भोजन है सत्संग, स्वाध्याय व संध्या
जीवन को समुन्नत बनाने और सुधारने के लिए सत्संग मूलाधार है। जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति में सत्संग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सत्संग क्या है? इस संसार में तीन पदार्थ- ईश ...
Read More »सफलता के लिए धैर्य आवश्यक
कामयाबी के शिखर पर कुशलता के सोपानों से चढ़ा जाता है। सफलता बौद्धिक प्रतिभा का संग्रह मात्र नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता के समुचित सुनियोजन की कुशलता का नाम है। सफलता एक ऐसी तकनीक क ...
Read More »गीता प्रेस गोरखपुर के संस्थापक:स्वर्गीय हनुमान प्रसाद पोद्दार
आज `गीता प्रेस गोरखपुर' का नाम किसी भी भारतीय के लिए अनजाना नहीं है। सनातन हिंदू संस्कृति में आस्था रखने वाला दुनिया में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जो गीता प्रेस गोरखपुर के नाम स ...
Read More »क्या है कलश का महत्व
गाजियाबाद। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर तीन में बृहस्पतिवार से भागवत कथा का प्रारंभ किया गया। इस मौके पर कलश यात्रा निकाली गयी। कथा के पहले दिन आत्म मुनि महाराज ने कलश के महत्व के ...
Read More »बर्फ के कटोरे में विश्व के रक्षक
देहरादून। सिख एवं हिंदुओं की सांझी विरासत है हेमकुंड-लोकपाल। संस्कृत में हेम बर्फ को कहते हैं, जबकि कुंड का तात्पर्य है कटोरा। इसी तरह लोकपाल विश्व के रक्षक को कहा गया है। लोकपाल ...
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