यह कार्य पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड एजुकेशन रिसर्च चंडीगढ़ द्वारा किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों के प्राथमिक विद्यालयों को चिह्न्ति किया गया है जहां से टीमें बच्चों का स्टूल सैंपुल एकत्र करेंगी। यह काम एविडेन्स एक्शन संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व सिसा के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें एविडेंस एक्शन संस्था, प्रदेश के स्कूल एवं आंगनबाड़ी आधारित डिवर्मिग कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।
यह संस्था स्कूल जाने वाले बच्चों में कृमि संक्रमण की समस्या का अनुमान लगाएगी। एविडेंस एक्शन एवं पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड एजुकेशन रिसर्च चंडीगढ़ द्वारा उत्तर प्रदेश के चयनित स्कूलों से कुछ बच्चों का स्टूल सैंपल इकट्ठा किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक ने इस समस्या से प्रभावित सभी 27 जिलों के सीएमओ को निर्देशित किया है कि वह सभी ब्लाक इकाइयों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को इस कार्य में लगी संस्थाओं को सहयोग करने के लिए आदेशित करें।
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड एजुकेशन रिसर्च चंडीगढ़ के पैरासाइटॉलिस्ट की टीम सभी जांचें अपने संसाधनों द्वारा करेंगी। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला की आवश्यकता होगी जिसे उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी सहयोग करेंगे। यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर यह जांचे संबंधित जिला अस्पतालों में कराने में भी सहयोग किया जाए।
यह बात खासतौर पर कही गई है कार्य की महत्ता को देखते हुए इसे रविवार या दूसरे अवकाश के दिनों अथवा आफिस का समय बीतने के बाद भी कराया जा सकता है। प्रभारी चिकित्साधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वह आशा व दूसरे स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं को इस कार्य में सहयोग के लिए निर्देशित करें।
इन जिलों में होगा शोध
गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बिजनौर, सहारनपुर, बांदा, झांसी, इलाहाबाद, फरुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, वाराणसी, रामपुर, मुरादाबाद, जेपी नगर, बलरामपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मिजार्पुर, मेरठ, गाजियाबाद।