बीजिंग, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सोमवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा में ऊर्जा, अवसंरचना, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इन समझौतों से चीन और पाकिस्तान के संबंध और मजबूत होंगे।
शी के एजेंडे में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना शीर्ष पर है। इस गलियारे से चीन के शिंजियांग प्रांत के कशगर को दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने की योजना है।
चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग के मई 2013 के दौरे में दोनों देशों में इस गलियारे पर सहमति बनी थी।
इससे अफ्रीका और मध्य पूर्व से होने वाले तेल और गैस आयात में चीन को हजारों किलोमीटर की दूरी घट जाएगी।
चीन ने पाकिस्तान के साथ बिजली, नवीन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कई वृहदस्तरीय परियोजनाएं पूरी की है।
पाकिस्तान निवेश बोर्ड के सचिव सैयद इफ्तिखार हुसैन बाबर ने अनुमान लगाया है कि ग्वादर बंदरगाह अवसंरचना में चीन का निवेश तीन से पांच साल में पूरा होगा।
रपट में कहा गया है कि गलियारा परियोजना सिर्फ ग्वादर बंदरगाह अवसंरचना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि चीन 1,300 किलोमीटर लंबे काराकोरम राजमार्ग का भी आधुनिकीकरण करना चाहता है, जो दुनिया की सबसे ऊंची अंतर्राष्ट्रीय पक्की सड़क है और चीन और पाकिस्तान को काराकोरम दर्रे से होते हुए जोड़ती है।
परियोजना के तहत सड़क और रेलमार्गो का निर्माण होगा और इसके साथ ही इसमें ऊर्जा सहयोग तथा निवेश कार्यक्रम भी शामिल है।