शिमला, 10 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बुधवार से शुरू हो रहा बजट सत्र हंगामेदार रह सकता है।
हिमाचल में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विभिन्न मुद्दों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने के लिए कमर कस ली है।
भाजपा की हिमाचल इकाई के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने आईएएनएस को बताया, “हिंसा करने वाले युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और अवैध खनन व पेड़ काटने के आरोपियों को बचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार की विफलता उन प्रमुख मुद्दों में शामिल होंगे, जिन्हें इस बजट सत्र के दौरान उठाया जाएगा।”
केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ 29 जनवरी को यहां आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई भिडं़त में युवक कांग्रेस और बीजेवाईएम के 12 कार्यकर्ता घायल हो गए थे।
सत्ती के मुताबिक, राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार अन्य मुद्दे होंगे, जिन्हें इस बजट सत्र के दौरान उठाया जाएगा।
हिमाचल की 68 सदस्यीय विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 22 बैठकें होंगी। बजट सत्र राज्यपाल कल्याण सिंह के संबोधन के साथ शुरू होगा और यह 10 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 18 मार्च को बजट पेश करेंगे। गौरतलब है कि उनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है।
1983 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से वीरभद्र का यह 18वां बजट होगा।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार विधानसभा में 20,000 अवैध निर्माणों को नियमित करने के लिए विवादास्पद बिल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) पेश कर सकती है।
राज्य में खेल संस्था को नियमित करने के लिए भी विधेयक विधानसभा के पटल पर रखा जा सकता है। इसमें भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) भी शामिल है।
राज्य के संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है।
ऐसी भी संभावना है कि कांग्रेस 40,625 करोड़ रुपये का अनुदान मिलने का श्रेय स्वयं ले सकती है।