(रांची)21 सितम्बर 2013 को श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची में 53 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में पूज्यपाद बाबा गुरुपद सम्भव राम जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हम लोग इस बात पर जोर देते हैं कि हम पहले मनुष्य बनें,मनुष्य कि जाति सिर्फ मनुष्य कि होती है और कुछ नहीं।
हम लोग सुनते हैं ,खोजते हैं तो पता लगता है कि ज्यादा बड़ी समस्या यह है की हम अपनी राष्ट्रीयता कि भावनाओं को भूल रहे हैं। यदि हम लोग भारतीय होकर नहीं रहेंगे ,अपनी उस राष्ट्रीयता के बारे में नहीं सोचेंगे और हिन्दू ,मुस्लिम ,ईसाई ,यहूदी ,ब्राह्मण ,क्षत्रिय और वैश्य,शूद्र के पचड़ों में ही पड़ते रहेंगे तो हम लोग भारतीयता को नहीं समझ पाएंगे।
यदि हम सब लोग यह सोच लें कि प्रथमतः हम सब भारतीय हैं ,तभी हम इस राष्ट्र कि उन्नति कर सकते हैं और तभी इस राष्ट्र कि चहुमुखी उन्नति हो सकती है।(रांची में दिए आशीर्वचन के अंश )