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 श्रावण मास में गुरु के वचनों का रस बरस रहा है भोपाल स्थित लहारपुर ग्राम में | dharmpath.com

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श्रावण मास में गुरु के वचनों का रस बरस रहा है भोपाल स्थित लहारपुर ग्राम में

August 9, 2015 11:13 pm by: Category: राज्य का पन्ना Comments Off on श्रावण मास में गुरु के वचनों का रस बरस रहा है भोपाल स्थित लहारपुर ग्राम में A+ / A-

DSC_2422भोपाल-सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है.आज के समय में फर्जी संतों की वजह से संत परंपरा को लोग शंका की दृष्टि से देखने लगे हैं लेकिन नहीं जिन्हें सद्गुरु प्राप्त हुए हैं उनकी मस्ती का कोई आरम्पार नहीं है.भोपाल स्थित ग्राम लहारपुर में संत परंपरा के गुरु वचनों का रसपान सावन के महीने में श्रध्हालू कर रहे हैं.

500 वर्ष पूर्व हस्तलिखित ग्रन्थ का पाठ पूरे सावन भक्त जन हरिहर आश्रम में करते हैं.

परमार बाहुल्य इस ग्राम में जब संत ध्वजा लहराई थी उसके उपरान्त से आज तक यह क्रम अनवरत जारी है.हरिहरमंदिर में यह गुरु-ग्रन्थ का पाठ नित्य दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक होता है.आज भोग का पाठ हुआ जिसमें गुरु को भोग लगाया गया.

ग्राम वासी इस ग्रन्थ का पाठ करते हैं फिर वे ही उसे सरल हिंदी में अनुवादित कर श्रोताओं को समझाते हैं.पाठ के समय श्रोताओं की गुरु-भक्ति की मस्ती आप महसूस कर सकते हैं.

इस आश्रम की मुख्य गद्दी फंदा जिला सीहोर में स्थित है.लहारपुर गद्दी के संत किसी भी कार्य को फंदा स्थित गद्दी से अनुमति पश्चात ही करते हैं .

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आज के अध्याय में हंस को गुरु उसकी वास्तविक स्थिति से परिचित करवा रहे हैं.हंस(शिष्य) अभिभूत है की हे गुरुदेव आपने मुझे यह कैसी अद्भुत जड़ी चखा दी है जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता है.हे सद्गुरु आपका नाम स्मरण ही जब इतना फलदायक है तो आपकी कृपा का कोई पार नहीं होगा.पद्य रूप में लिखे इस ग्रन्थ का सरल भाषा में पठन व् अनुवाद भाव-विभोर कर देता है.

श्रावण मास में गुरु के वचनों का रस बरस रहा है भोपाल स्थित लहारपुर ग्राम में Reviewed by on . भोपाल-सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है.आज के समय में फर्जी संतों की वजह से संत परंपरा को लोग शंका की दृष्टि से देखने लगे हैं लेकिन नहीं जिन्हें सद्गुर भोपाल-सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है.आज के समय में फर्जी संतों की वजह से संत परंपरा को लोग शंका की दृष्टि से देखने लगे हैं लेकिन नहीं जिन्हें सद्गुर Rating: 0
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