हरिद्वार, 4 दिसम्बर- ग्लोबल कंट्री आफ वल्र्ड पीस के अध्यक्ष नीदरलैण्ड के डॉ लुईस रोसेट ने कहा कि वैदिक संस्कृति में विज्ञान के गूढ़ रहस्य छिपे पड़े हैं। आवश्यकता केवल उसका अध्ययन कर समाज के सामने लाने की है। भारतीय संस्कृति के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने वाले ग्लोबल कंट्री आफ वल्र्ड पीस के अध्यक्ष नीदरलैण्ड के डॉ लुईस रोसेट और विश्वहिन्दु परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या के साथ युवाओं में सकारात्मक बदलाव के विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की। साथ ही वैदिक संस्कृति के विस्तार हेतु मिल जुलकर काम करने पर सहमति जताई।
डॉ. लुईस ने 1926 से प्रज्वलित अखंड दीप का दर्शन कर कार्यक्रम की सफलता हेतु आशीर्वाद मांगा। देवात्मा हिमालय मंदिर में देवभूमि उत्तराखंड में स्थित चारों धाम के दर्शन किये। डॉ. लुईस ने देसंविवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पण्ड्या को नीदरलैण्ड में संस्कृति के प्रचार के लिए आने का न्यौता दिया।
सिंघल व डॉ लुईस ने ग्लोबल कंट्री आफ वल्र्ड पीस संस्था द्वारा आयोजित होने वाले ‘वैदिक संस्कृति व ज्ञान’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सेदारी के लिए प्रणव पण्ड्या को आमंत्रित किया। यह सेमिनार फरवरी 2015 में दिल्ली में आयोजित होगी, जिसमें कई देशों के विद्वान भागीदारी करेंगे।
इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ सदस्य वेस्टइंडीज के ब्रह्मस्वरूपानंद, विहिप के केन्द्रीय सचिव रोटेश्वर शर्मा, रमेश कुमार आदि आयोजक मंडल के सदस्य शामिल थे। सभी ने भारतीय संस्कृति के विकास में युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया।