रायपुर रेल डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी रतन बसाक के अनुसार डारमेट्री, रिटायरिंग रूम और डीआरएम कार्यालय में तो पहले से ही सोलर पैनल का प्रयोग हो रहा है अब इसके विस्तार की योजना के तहत राजधानी का रेलवे प्लेटफार्म और कुछ स्थान सौर ऊर्जा से रोशन होगा।
रेलवे में बिजली के लिए हर माह लाखों रुपए खर्च करना पड़ता है। सोलर एनर्जी पर निर्भरता बढ़ाने के बाद रेलवे लाखों रुपए की बचत कर सकता है। इसी के मद्देनजर राजधानी के रेलवे स्टेशन पर डारमेट्री, रिटायरिंग रूम के बाद अब प्लेटफार्म को भी सोलर एनर्जी से रोशन करने की योजना है। बताया जाता है कि स्टेशन परिसर में 10 यूनिट का प्लांट स्थापित किया गया है।
ज्ञात रहे कि सोलर पैनल के प्रयोग से पर्यावरण के मद्देनजर जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और गैर पारंपरिक स्रोतों से बिजली पैदा करना है। केंद्र की मोदी सरकार ने भी पहले बजट में ट्रेनों में सोलर पैनल लगाने का ऐलान किया था।