भोपाल– कल रात्रि भोपाल में कार्य से लौटते हुए एक पत्रकार पर हमला किया गया.जन-जन जागरण के सम्पादक मनोज वर्मा प्रेस से कार्य पूरा कर घर जा रहे थे तभी दो मोटर सायकलों पर आये चार युवकों ने उन पर प्राण-घातक हमला पीछे से कर दिया.मनोज वर्मा के सिर में 17 टाँके आये हैं और दोनों हाथों में फ्रेक्चर हुआ है.
खबर लगते ही भोपाल के पत्रकार अस्पताल में जमा हो गए.पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल में पहुंचे और हुई घटना से अवगत हो अधीनस्थों को निर्देश दिए.
मप्र में यह पहली घटना नहीं है,मप्र का पुलिस प्रशासन लचर स्थिति में है.क़ानून व्यवस्था पंगु हो चुकी है .जनता अपने आपको असुरक्षित एवं असहाय समझने लगी है.गृह मंत्री का इस अनुशासन वाले विभाग पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है.पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपनी नौकरी सिर्फ महीने की तनख्वाह पूरी करने के हिसाब से कार्य करते हैं.रिकॉर्ड देखे जायं तो सीधे केस भी जांच में लंबित रखे जाते हैं.अधिकारी अपने मातहतों को कार्य जल्द पूर्ण करने के लिए दबाव भी नहीं बना पाते.
गृह मंत्रालय का नियंत्रण प्रशासनिक व्यवस्था से समाप्त हो चूका है,मैदानी अधिकारी कार्य समय सीमा में पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं.मप्र के मुख्यमंत्री दावा करते हैं की सब कुछ नियंत्रण में है लेकिन सिर्फ फील गुड का की माहोल है अन्दर सब अव्यवस्थित है.