पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा कि शांति, एकता और सद्भावना के बिना देश प्रगति नहीं कर सकता है। इसी नींव पर विकास की इमारत बनेगी। बिहार ने देश के लिए इसका उदाहरण पेश किया है।
पटना धमाकों पर दुख जताते हुए मोदी ने कहा कि किसी को मोदी के खिलाफ ऐतराज हो सकता है, भाजपा के खिलाफ भी ऐतराज हो सकता है, लेकिन बेगुनाह नागरिकों को क्यों मारा जा रहा है। आखिर धमाकों में मरने वाले बिहार के ही भाई बहन थे। लेकिन, वोट बैंक की राजनीति में डूबे लोग यह नहीं समझ सकते। देश को जितनी जल्दी ऐसे नेताओं से मुक्ति मिलेगी, देश का उतना ही भला होगा। मोदी आगे बोले, कि गुजरात में सरदार पटेल का सबसे ऊंचा स्मारक बनाने का निर्णय लिया, क्योंकि पटेल देश की एकता के प्रतीक हैं। बिहार के किसानों ने इस इमारत के लिए अपने पुराने औजारों का दिल खोलकर दान दिया है।
मोदी ने कहा कि आने वाला दशक दलितों के, पिछड़ों के, आदिवासियों के विकास का होगा। विरोधी दलों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इन लोगों ने वादे तो बहुत किए, लेकिन निभाया नहीं। ये चुनावी खिलाड़ी हैं, जो देश का भला नहीं कर सकते।
मोदी ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि राजनीति में हिपोक्रेसी नहीं चलती है। रामविलास पासवान की तारीफ करते हुए वह बोले, वह एनडीए छोड़कर भी गए, लेकिन जब भी मिले, हंसकर मिले और फोटो खिंचवाने से डरे नहीं।
मोदी ने कहा कि मैं हमेशा देश की समस्याओं का हल ढूंढता रहता हूं। वहीं विरोधियों पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि हमारे विरोधी मोदी का हल ढूंढने में लगे हैं। इससे देश का भला नहीं होगा।
मोदी ने कहा कि एनडीए का विस्तार हो रहा है। एनडीए का एक मतलब नेशनल डेवलेपमेंट अलायंस और दूसरा मतलब नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस।