मुरैना, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक बार फिर रेत माफिया के डंपर ने एक पुलिस जवान की कुचलकर कर जान ले ली। इस जवान ने डंपर को रोकने की कोशिश की थी। राज्य के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है, वहीं चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस से जानकारी मिली है कि नूराबाद थाने की एक पुलिस टीम रविवार की सुबह लूट के एक आरोपी को पकड़ने धनेला का गांव जा रहा था, तभी रास्ते में रेत लदा एक डंपर दिखा। पुलिस जवान धर्मेद्र सिंह चौहान ने जीप से उतरकर डंपर को रोका, उसी समय चालक ने डंपर को तेजी से पीछे किया, जिससे धर्मेद्र वाहन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने आईएएनएस से चर्चा के दौरान पुलिस जवान की मौत की पुष्टि की है। साथ ही कहा है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि डंपर किसका है।
राज्य के गृहमंत्री गौर ने इस घटना को दुखद बताते हुए तीन दिन के भीतर इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस समय दिल्ली में हैं। उन्होंने वहीं से फोन पर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
रेत माफिया के डंपर का शिकार बने आरक्षक (कांस्टेबल) चौहान का रविवार को ग्वालियर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। नूराबाद पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के बाद से चालक फरार है।
रेत माफिया ने वर्ष 2012 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार को भी ट्रैक्टर से कुचल दिया था। उस घटना पर भी पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था और दोषी चालक को 10 वर्ष की सजा हुई थी।
राज्य के चंबल इलाके में रेत माफियाओं की सक्रियता चर्चा में है। यहां जिस किसी अधिकारी ने अवैध रेत के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया है, उसे मुसीबतों का सामना करना पड़ा है।
आईपीएस नरेंद्र कुमार की हत्या के बाद भी अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले कई अन्य अधिकारियों पर हमले होते रहे हैं।