भोपाल, 12 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की 22 सड़कों के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार नाबार्ड से दो हजार करोड़ का कर्ज लेगी। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
की बैठक का ब्यौरा देते हुए सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिपरिषद् ने 14 प्रमुख जिला सड़क तथा आठ अपूर्ण राज्य राजमार्ग के निर्माण के लिए नाबार्ड से दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने का निर्णय लिया। यह ऋण मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन) के माध्यम से लिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार प्रत्याभूति देगी।
मिश्रा ने आगे बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम बदलकर मध्य प्रदेश भर्ती एवं प्रवेश परीक्षा मंडल किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव का विधेयक आगामी विधानसभा के सत्र में लाया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने कहा कि व्यापमं का नाम बदलने का अध्यादेश भी लाया जा सकता था, मगर सरकार चाहती है कि इस पर विस्तार से चर्चा हो इसीलिए विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा।
राज्य सरकार ने पूर्व मे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की घोषणा को केबिनेट ने मंजूरी दे दी। राज्य के साढ़े आठ लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स, पंचायत व नगरीय निकाय के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता छह प्रतिशत बढ़ा दिया गया है, इस तरह अब महंगाई भत्ता 113 प्रतिशत हो गया है।
मंत्रिपरिषद् ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में आयुक्त की पद-स्थापना करने का निर्णय लिया। इस पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की पद-स्थापना की जाएगी।
मंत्रिपरिषद् ने भोपाल के 20 बिस्तर वाले कैलाशनाथ काटजू सिविल अस्पताल का 100 बिस्तर वाले अस्पताल में उन्नयन करने का निर्णय लिया। इसके लिए मेडिकल, पारा-मेडिकल एवं अन्य संवर्ग के 50 पद सृजित करने का निर्णय लिया।