भोपाल- मप्र की नयी आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों को रात 11:30 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है,जहाँ रहवासी क्षेत्रों में जनता शासन के निर्णय के खिलाफ उतर आई है वहीँ शुचिता पर कार्य करने वाली भाजपा सरकार के 90 प्रतिशत सांसद भी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.
आबकारी मंत्री ने तो स्पष्ट कर दिया है की वे पीने वालों के समर्थन में है .आबकारी मंत्री जयंत मलैया की शराबखोरी के चर्चे आम हैं,सभी को पता है की वे रात 8 के बाद किस दुनिया में मगन हो जाते हैं.दरअसल मप्र सरकार इस समय घोर वित्तीय संकट में है,मप्र सर्कार के मंत्री हमेशा यह नकारते रहे की सब कुछ काबू में है लेकिन झूठ सामने आ ही गया,इसके पहले भी नयी शाराब नीति का विरोध हुआ था और मुख्यमंत्री संकट में आ गए थे,राजस्व बढाने के इस इरादे ने मप्र की राजनीती में उफान ला दिया है.
सच को नकारती सरकार अब चंहु और से घिरी हुई है व्यापम मामले पर तो दिग्विजय सिंह ने कमर कस ही रखी है ,ओला पीड़ा भी सर-दर्द बना है सरकार का वहीँ पैसा है नहीं,केंद्र से कोई भी मदद मिल नहीं रही और अब अपने भी बेगाने हो गए.देखते हैं शिवराज सिंह इस बवंडर से कैसे पार पते हैं,अब तक मैनेजमेंट में माहिर शिवराज यदि इन बाधाओं को पार कर गए तब तो वे प्रधानमत्री पद के दावेदार हो जायेंगे वर्ना बाकी सब जानते हैं हम तो दुआ ही करेंगे.