नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह बैंकों को घोटाला नियंत्रण नीति बनाने के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर. गांधी ने यहां ‘वित्तीय घोटाला – जोखिम और बचाव’ सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, “सतर्कता की दृष्टि से हालांकि बैंकों में व्हिसलब्लोअर नीति पहले से है। आरबीआई बैंकों को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि वे घोटाले की रोकथाम की भी नीति बनाएं।”
सम्मेलन का आयोजन एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने किया।
उन्होंने कहा, “यदि बैंकों को घोटाला होने से रोकना है, तो उन्हें तीन केवाई सिद्धांत का पालन करना होगा। उन्हें अपने ग्राहकों को जानना होगा। उन्हें अपने कर्मचारियों को जानना होगा और उन्हें अपने साझेदारों को जानना होगा।”
उन्होंने कहा कि आरबीआई ने बैंकों को विलफुल डिफॉल्टरों की एक सूची भी दी है।
डिप्टी गवर्नर ने कहा, “हमने बैंकों को कुछ निश्चित निर्देश दिए हैं। लेकिन यदि यह कानून के रूप में आता है, तो अच्छा होगा, क्योंकि तब यह बाध्यकारी होगा और सभी पक्षों पर लागू होगा।”