कोलकाता, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम की अध्यक्षता में पुलिसकर्मियों द्वारा उत्पीड़ित एक महिला का शनिवार को बयान दर्ज किया।
पीड़ित महिला एक गृहिणी है, जिसका आरोप है कि 17 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर पुलिस का एक दल जबरदस्ती उसे जंगल में ले गए और उसके भतीजे के बारे में जानकारी उगलवाने के लिए उसका उत्पीड़न किया। उसका भतीजा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक स्थानीय नेता है, जो बीरभूम जिला स्थित परूई में एक झड़प के मामले में वांछित है।
पीड़िता के परिवार द्वारा पुलिस में की गई एक शिकायत में दावा किया गया है कि उसका पूरा शरीर ब्लेड से जगह-जगह काटा गया और बिछुआ की पत्तियों को उसके निजी अंग पर रगड़ा गया।
मामले को संगीन बताते हुए कुमारमंगलम ने कहा कि वह इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगी।
जिले के सत्तोर गांव में पीड़िता से मुलाकात के बाद कुमारमंगलम ने कहा, “कम से कम मैंने तो ऐसी घटना कहीं नहीं देखी। हमने उसका बयान दर्ज कर लिया है। इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पुलिस या प्रशासन, जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार हों, इस तरह का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।”
पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़िता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर भी रुख किया है और दावा किया है कि उसके निजी अंग पर बिछुआ की पत्तियों के रगड़ने के कृत्य को दुष्कर्म का मामला समझा जाए।
पीड़िता के परिवार ने दावा किया कि उन्हें कानूनी सहारा न लेने की धमकी दी जा रही है और उन्होंने मामले की आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) पर संदेह जताया। शुक्रवार को सीआईडी ने इसकी जांच का जिम्मा लिया।
पीड़िता के पति ने कहा, “हमें सीआईडी पर बिल्कुल भरोसा नहीं। जब अपराध करने वाले ही पुलिसवाले हों, तब हम कैसे विश्वास करें कि सीआईडी उनके खिलाफ जांच को अंजाम दे पाएगी। हम मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा चाहते हैं।”