नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षेस के स्वास्थ्य मंत्रियों की यहां बुधवार को होने जा रही 5वीं बैठक में संचारी और गैर संचारी बीमारियों के नियंत्रण और रोकथाम तथा रोग निगरानी नेटवर्क जैसे स्वास्थ्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षेस के स्वास्थ्य मंत्रियों की यहां बुधवार को होने जा रही 5वीं बैठक में संचारी और गैर संचारी बीमारियों के नियंत्रण और रोकथाम तथा रोग निगरानी नेटवर्क जैसे स्वास्थ्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
रविवार को यहां जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बयान के अनुसार, इस बैठक में अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री फिरोजुद्दीन फिरोज, बांग्लादेश के सांसद, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री जाहिद मलिक, भूटान के स्वास्थ्य मंत्री ल्योंपो तेंदिन वांग्चुक, मालदीव के स्वास्थ्य मंत्री अहमद जहूर, नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री खागा राज अधिकारी, पाकिस्तान की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, विनियमन एवं समन्वयन मंत्री सायरा अफजल तरार और श्रीलंका के स्वास्थ्य एवं स्वदेशी चिकित्सा मंत्री डॉ. रंजीथा सेनारत्ने भाग लेंगे।
बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक से पहले, छह-सात अप्रैल को एचआईवी/एड्स पर दक्षेस विशेषज्ञ समूह की 7वीं बैठक, स्वास्थ्य एवं जनगणना संबंधी दक्षेस तकनीकी समिति की 5वीं बैठक और दक्षेस देशों के वरिष्ठ अधिकारियों (स्वास्थ्य सचिवों की) की 5वीं बैठक होगी।
बयान के अनुसार, इन बैठकों का आयोजन नवम्बर 2014 में काठमांडू में सम्पन्न दक्षेस शासनाध्यक्षों/राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसलों के अनुसार किया जा रहा है। इन तकनीकी एवं आधिकारिक स्तर की बैठकों में भारत सहित समस्त दक्षेस देशों के करीब 50 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
उल्लेखनीय है कि दक्षेस स्वास्थ्य मंत्रियों की चौथी बैठक मालदीव में अप्रैल 2012 में हुई थी।
बयान के अनुसार, इन बैठकों की अध्यक्षता भारत करेगा और इनमें इन देशों के अनेक मसलों और चुनौतियों से निपटने के लिए उनके बीच सहयोग मजबूत बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया जाएगा और मार्ग दर्शन तथा योजना उपलब्ध कराई जाएगी।
बयान में कहा गया है कि इन बैठकों में स्वास्थ्य संबंधी जिन प्रमुख मसलों पर चर्चा होगी, उनमें संचारी और गैर-संचारी रोगों से बचाव एवं नियंत्रण, रोग निगरानी नेटवर्क, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाएं, स्वास्थ्य के लिए मानव संसाधन, टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के लिए टीकाकरण, एचआईवी/एड्स, मानसिक स्वास्थ्य, दवाएं और सूक्ष्मजीव-रोधी प्रतिरोध आदि शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्री चिन्हित क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग को स्वीकृत योजना एवं सामयिकता के साथ और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए ‘दिल्ली घोषणा’ को स्वीकार करने के बारे में चर्चा करेंगे।
दक्षेस देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं और यह विश्व की लगभग चौथाई आबादी के लिए उत्तरदायी हैं। ये देश स्वास्थ्य की समान चुनौतियों और मसलों का सामना करते हैं।
बयान के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य दक्षेस देशों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के लिए सहक्रियाशील सामूहिक प्रयासों, साझा कार्यनीतियों के तरीकों और साधनों की तलाश और चिन्हित उत्कृष्ट पद्धतियों का कार्यान्वयन करना है।