नई दिल्ली/चंडीगढ़, 21 फरवरी (आईएएनएस)। हिंसक जाट आंदोलन के कारण हरियाणा के अराजकता के चंगुल में फंसने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार शाम वादा किया कि जाटों को नौकरी में आरक्षण मिलेगा। पार्टी ने कहा कि इससे संबंधित विधेयक विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 21 फरवरी (आईएएनएस)। हिंसक जाट आंदोलन के कारण हरियाणा के अराजकता के चंगुल में फंसने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार शाम वादा किया कि जाटों को नौकरी में आरक्षण मिलेगा। पार्टी ने कहा कि इससे संबंधित विधेयक विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
जाटों के हिंसक आंदोलन के आठवें दिन भाजपा नेता और हरियाणा में पार्टी के मामलों के प्रभारी अनिल जैन ने यह ऐलान किया। जैन ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ केंद्रीय मंत्रियों, जाट एवं खाप नेताओं और भाजपा नेताओं की बैठक के बाद यह घोषणा की।
उन्होंने कहा, “हरियाणा में जाटों को आरक्षण देने का फैसला किया गया है। आगामी विधानसभा सत्र में इस संबंध में सरकार एक विधेयक पेश करेगी।”
उन्होंने कहा, “जहां तक केंद्र का मामला है तो इसके लिए एक उच्चाधिकार समिति बनाई जाएगी, जिसका नेतृत्व एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री करेंगे।”
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई. पी. सिंघल ने चंडीगढ़ में संवाददाताओं को बताया कि जाट समुदाय के आंदोलन में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 अन्य लोग घायल हो चुके हैं।
पुलिस और राजनैतिक नेताओं ने अराजकता और करोड़ों की निजी व सार्वजनिक संपत्ति को तबाह करने के लिए ‘असामाजिक तत्वों’ को जिम्मेदार बताया है।
आंदोलन के कारण देश के लगभग सभी उत्तरी राज्यों का संपर्क दिल्ली से टूट गया है। हरियाणा से होकर गुजरने वाले सभी राजमार्गो को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है, जिसके कारण दिल्ली से जाने और यहां आने वाली सभी बसों की सेवा फिलहाल रोक दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने रेल परिचालन भी बाधित किया है, जिसके कारण उत्तर भारत में रेलगाड़ियों के परिचालन पर बुरा असर पड़ा है।
सड़क व रेलमार्ग बंद होने से विमानों में सफर महंगा हो गया है। लोगों को चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच एक घंटे का हवाई सफर तय करने के लिए 25,000 रुपये से 55,000 रुपये तक का किराया देना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-एक (एनएच-1) दिल्ली को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर से जोड़ता है। जाट आंदोलनकारियों ने सोनीपत और पानीपत जिलों में इसे बाधित किया हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों वाहन और लोग फंसे पड़े हैं। एनएच-8 को भी बाधित किया गया है। आंदोलनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी और लूटपाट की है।
दिल्ली को पानी की आपूर्ति करने वाली मुनक नहर को सोनीपत में जाटों के कब्जे से छुड़ाने और दिल्ली को पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने रविवार को गोली चलाई। बताया गया है कि वहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आंदोलन की वजह से दिल्ली में पानी का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सभी स्कूलों और दफ्तरों को बंद रखने का आदेश दिया है। पानी की ‘राशनिंग’ की जा रही है। दिल्ली को हरियाणा से ही पानी मिलता है। आशंका है कि सोमवार को यहां घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचाया जा सकेगा।
हरियाणा के गृह सचिव पी.के.दास ने कहा कि शनिवार के मुकाबले रविवार को स्थिति ‘काफी बेहतर’ रही। उन्होंने कहा कि रविवार को कैथल में कर्फ्यू लगाना पड़ा और सेना एवं अर्धसैनिक बलों को गोहना और कलानौर में तैनात करना पड़ा।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में हिस्सा लेने वाले जाट नेता भगत सिंह दलाल ने कहा कि उन्हें आश्वासन मिला है कि हरियाणा में जाटों को नौकरी में आरक्षण मिलेगा। केंद्र सरकार इस मामले में उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाएगी।
दस लोगों की जान लेने और करोड़ों की संपत्ति को फूंक देने वाले अभूतपूर्व हिंसक आंदोलन के बारे में दलाल ने कहा, “जाट कभी हिंसा नहीं करते। आंदोलन को असामाजिक तत्वों ने हथिया लिया है। कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने भी माहौल को बिगाड़ा है।”
डीजीपी सिंघल ने कहा कि हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रोहतक, भिवानी और झज्जर में हालात अब काबू में हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकार की प्राथमिकता दिल्ली में पानी का आपूर्ति बहाल करना है।
उन्होंने इससे इनकार किया कि राज्य में तैनात की गई सेना और राज्य प्रशासन के बीच तालमेल में किसी तरह की कमी है।
डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आंदोलन प्रभावित जिलों के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है और एनएच-1 सहित अन्य राजमार्गो पर यातायात को बहाल करने के लिए प्रयास जारी हैं।
सिंघल ने कहा, “हम शहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने सुरक्षा बलों के जरिए ‘नाइट-डोमिनेंस’ शुरू कर दिया है।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा पहुंची सेना की 69 टुकड़ियों को रोहतक और झज्जर सहित आंदोलन प्रभावित अन्य जिलों में तैनात किया गया है।
डीजीपी ने कहा कि हिंसा के 291 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 45 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी विमान सेवाओं से कहा है कि राज्य में फंसे लोगों को निकालने के लिए चंडीगढ़ के लिए और अधिक उड़ानें शुरू करें।
चंडीगढ़-शिमला राजमार्ग को आंदोलनकारियों ने पंचकुला में बाधित कर दिया। इससे सैकड़ों वाहन फंस गए। बाद में इस रास्ते को खोला गया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी जाटों ने सड़क यातायात को बाधित किया।
जाट समुदाय से संबंध रखने वाले क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, मुक्केबाज विजेंदर सिंह और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने जाट समुदाय से हिंसा छोड़कर शांति बनाने की अपील की है।