कोच्चि, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल में एक अदालत ने प्रवासियों के रक्षक (पीओई) एल. अडोल्फस की कुवैत में नर्सो की भर्ती से संबंधित एक कथित घोटाला मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
सीबीआई के एक सूत्र ने बताया कि अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अडोल्फस को गिरफ्तार किया जा सकता है। पीओई ने एर्नाकुलम सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी. कलाम पाशा ने शुक्रवार को मामले से जुड़े दस्तावेजों का अध्यय करने के बाद इसकी सामग्री पर आश्चर्य व्यक्त किया और पीओई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
सीबीआई ने इस मामले को पिछले माह अपने अधीन लिया था। यहां पर स्थित एक निजी भर्ती एजेंसी पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद यह मामला सामने आया था। यह एजेंसी कुवैत में रोजगार के लिए चुनी गई नर्सो से भारी रकम वसूल रही थी।
लेकिन केंद्र सरकार के कर्मचारी की मुश्किलें उस समय बढ़ गईं, जब उन्होंने नौकरी के लिए चुनी गई और फीस अदा करने वाली एक नर्स से भर्ती एजेंसी ने कुवैत न जाने के लिए कहा। साथ ही एजेंसी ने उसके द्वारा जमा की गई रकम वापस करने से मना कर दिया।
इसके बाद उसने पीईओ से संपर्क किया लेकिन उसे जरूरी मदद नहीं मिली। वहीं इस बार जब आयकर विभाग ने छापेमारी की तो उसे भर्ती एजेंसी के दफ्तर से बिना हिसाब की बड़ी रकम मिली।
मीडिया रपटों के संज्ञान में लेते हुए सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी।
सीबीआई के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हमने पिछले माह की 30 तारीख को मामला दर्ज किया था। आज (शुक्रवार) पीओई की जमानत खारिज हो चुकी है और उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।”
कोच्चि स्थित इस भर्ती कंपनी का मालिक मध्यपूर्व में रहता है। सीबीआई ने उससे जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कई बार आग्रह किया है लेकिन वह अभी तक पेश नहीं हुआ है।