भोपाल-मध्य प्रदेश के पूर्व और बीजेपी के सबसे वरिष्ठ विधायक मंत्री गोपाल भार्गव अपनी साफगोई के लिए जाने जाते हैं। महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर मचे बवाल के बीच गोपाल भार्गव का बयान बहुत महत्व का है। गोपाल भार्गव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि “औरंगजेब की कब्र खुदने जैसे विषय निरर्थक हैं। जिनका कोई अर्थ नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर सारी बयानबाजी चाहे फिर वो किसी भी तरफ से हो। इसका देश के विकास से कोई लेना देना नहीं है।”
यूं तो कहा जा सकता है कि सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने अपनी पार्टी लाइन से अलग हटकर बयान दिया है। हिंदू संगठनों इस बयान के लिए उनकी तीखी आलोचना कर सकते हैं लेकिन गोपाल भार्गव ऐसे अकेले नेता नहीं है जिनकी औरंगजेब के मुद्दे पर पार्टी की अलग राय है। गोपाल भार्गव जैसे कई नेता हैं जो मानते हैं कि ऐसे विषयों पर विवाद गैर जरूरी है। मगर खुलकर बोलने का साहस भार्गव ही दिखा पाते हैं। गोपाल भार्गव ने इस बयान को देकर उन सभी बीजेपी नेताओं की विचार को आवाज दी है जो चाहते हैं कि ऐसे निरर्थक विषय पर विवाद से देश का भला नहीं होने वाला है। गोपाल भार्गव से दबे स्वर में कही जा रही राय को खुल कर कह दिया है। इसलिए उनका कहा खास महत्व रखता है।