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 ओडिशा में मंदिरों, पर्यटन पर नोटबंदी का प्रभाव | dharmpath.com

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ओडिशा में मंदिरों, पर्यटन पर नोटबंदी का प्रभाव

November 16, 2016 6:30 pm by: Category: पर्यटन Comments Off on ओडिशा में मंदिरों, पर्यटन पर नोटबंदी का प्रभाव A+ / A-

%e0%a4%93%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%beभुवनेश्वर, 16 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट को अमान्य घोषित किए जाने के बाद ओडिशा में मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।

नोटबंदी के बाद जगन्नाथ और पुरी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट हुई है। मंदिर में महाप्रसाद देने वाले रसोइये (सुआर निजोग) पुराने नोट स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जिससे कमाई पर काफी असर पड़ रहा है।

इसके अलावा, श्री मंदिर के सेवक भी अमान्य घोषित किए गए नोट नहीं ले रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मंदिर में नियमित रूप से 600 से लेकर 700 किलोग्राम महाप्रसाद बनाया जाता है और रोजाना 50,000 श्रद्धालु इसे ग्रहण करते हैं। इस महाप्रसाद से आठ से 12 लाख रुपये तक का व्यापार होता रहा है।

इस महाप्रसाद को मंदिर परिसर के आनंद बाजार में बनाया जाता है और हजारों श्रद्धालु इसे ग्रहण करते हैं।

मंदिर के एक सेवक अजय गोच्चिकर ने कहा, “केंद्र सरकार के आदेश के बाद हम मंदिर में अमान्य घोषित किए गए नोट स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि, अगर श्रद्धालु हमें किसी भी सेवा या महाप्रसाद के लिए 500 और 1000 रुपये के नोट प्रस्तुत कर रहे हैं, तो हम उन्हें मना नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह एक धार्मिक स्थल है।”

लेकिन, इस फैसले से मंदिर की आय बढ़ गई है, क्योंकि श्रद्धालु जगन्नाथ मंदिर की ‘हुंडी’ में अधिक दान दे रहे हैं।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के जनसंपर्क अधिकारी लक्ष्मीधर पुजापंद ने कहा, “हम हुंडी में श्रद्धालुओं को अमान्य घोषित नोटों को डालने से नहीं रोक सकते। वे ऐसा कर रहे हैं। हमें कार्यालय में भी दान मिल रहा है और उन्हें हम रसीद भी दे रहे हैं। हालांकि, कार्यालय में हम अमान्य नोट स्वीकार नहीं कर रहे हैं।”

लक्ष्मीधर ने बताया कि नियमित रूप से मंदिर प्रशासन को रोज 3.5 लाख रुपये मिलते हैं, लेकिन मंगलवार को यह बढ़कर 4.83 लाख रुपये हो गए। इससे पहले सोमवार को 5.37 लाख रुपये और रविवार को 4.73 लाख रुपये प्राप्त हुए।

राज्य के पर्यटन क्षेत्र में भी गिरावट हुई है, क्योंकि घरेलू पर्यटकों को पैसे निकालने के लिए एटीएम और बैंकों की लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है।

ओडिशा के होटर और रेस्तरां प्रशासन के महासचिव श्रीनिबाश सुबुद्धि ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में घरेलू पर्यटन में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट हुई है। उन्हें पानी और खाने के साथ-साथ अपनी रोजाना की जरूरी चीजों को खरीदने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।”

ओडिशा में मंदिरों, पर्यटन पर नोटबंदी का प्रभाव Reviewed by on . भुवनेश्वर, 16 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट को अमान्य घोषित किए जाने के बाद ओडिशा में मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटको भुवनेश्वर, 16 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट को अमान्य घोषित किए जाने के बाद ओडिशा में मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटको Rating: 0
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