समसपुर गांव निवासी बैद्यनाथ यादव का 55 वर्षीय पुत्र हीरालाल उर्फ भगत यादव ने अपनी बहू का इलाज कराने के लिए बैंक से पचास हजार रुपये उधार लिए थे, वहीं बारिश व ओलावृष्टि के चलते बर्बाद हुई फसल को देख वह अचानक बेहोश हो गया। परिजनों ने हीरालाल के मुंह में पानी डाला तो उसे होश आ गया, लेकिन फिर अचानक उसे दिल का दौरा पड़ गया। उसे उठाकर चारपाई पर लिटाया गया, मगर वह हमेशा के लिए मौत की नींद सो गया।
उधर, बकेवर थाना क्षेत्र के भैसौली गांव निवासी 65 वर्षीय सुंदरलाल यादव रविवार सुबह अपने खेतों की ओर गया, और चौपट हुई फसलों को देख उसे सदमा लगा। वह चुपचाप वापस घर चला आया, कुछ देर बैठा रहा, तभी उसे अचानक हार्ट अटैक पड़ गया और मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि किसान सुंदरलाल ने भी खेती करने के लिए कर्ज लिया था। कर्ज कैसे चुकाएगा, यही सोचते-सोचते हुए उसे दिल का दौरा पड़ा। आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के चलते गेहं, चना व सरसों की खेती चौपट हो जाने के कारण वह सदमा बर्दाश्त न कर सका।