जापान में इंटरनेट पर निर्भर लगभग पाँच लाख बच्चों को “इंटरनेट के बिना बाल शिविरों” में भेजा जा सकता है। यह जानकारी इस सप्ताह सरकारी सूत्रों ने दी है।
जापान के स्वास्थ्य,श्रम और कल्याण मंत्रालय के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक अनुसंधान के अनुसार, 98 हज़ार युवा लोग बुरी तरह से इंटरनेट पर निर्भर हो चुके हैं और उनमें से 7952 लोगों को अच्छी तरह से नींद भी नहीं आती है और वे सही समय पर भोजन नहीं कर पाते हैं।
इन बच्चों को “इंटरनेट के बिना बाल शिविरों” में जाने के लिए मज़बूर नहीं किया जाएगा। लेकिन जो किशोर अपनी इच्छा से इन शिविरों में जाना चाहेंगे, उन्हें इंटरनेट व स्मार्ट फोनोंका उपयोग करने औरवीडियो गेम खेलने की सख्त मनाही होगी।
बच्चों को ताज़ा हवा में खेलने और अन्य गतिविधियों में संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लत से छुटकारा पाने के लिए विशेष शिक्षक इन बच्चों की मदद करेंगे।
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