अनिल सिंह(भोपाल-मध्य विधानसभासे )—- आज शाम 6 no. बस स्टॉप क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र नाथ सिंह ने प्रचार किया,कुछ अलग नहीं था जैसे पहले नेता आते थे उसी तरह ढोल- ढमाके ज्यादा साथ में वे कार्यकर्ता जो पिछले समय में कोमा में थे और आगे- आगे एक स्थानीय स्वयंभू नेताजी जो दल-बदलू के रूप में विख्यात हैं.
इस तरह से यही समझ में आया कि नेताजी अपनी नहीं भाजपा के परम्परागत वोटों कि आस में ही हैं,भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वंदना जाचक और उनके पति आगे- आगे थे जो नेताजी से बहुत आगे थे बहुत आगे लग रहा था वे अपने प्रचार में ज्यादा मशगूल थे ,ढोलों के शोर कानफाड़ू शोर से लोगों कि शाम सरदर्द का एहसास करा रही थी।
याद आगया वह समय जब उमाशंकर गुप्ता भी आये थे और उनके साथ यही दाढ़ी वाले दल -बदलू नेताजी थे ,इन्होने चंदा कर गुप्ताजी का गुणगान किया था ,गुप्ता जी ने भी खूब वायदे किये थे स्वागत पता नहीं गुप्ता जी का हुआ क्योंकि उनका क्षेत्र था ही नहीं,शायद दाढ़ी वाले नेता कि जुगत थी,खैर गुप्ता जी गरीब जनता का पैसा बर्बाद करने के बाद ऐसे नदारद हुए कि लाल बत्ती में गायब हो अब दक्षिण- पश्चिम में अवतरित हुए हैं।
खैर फिर याद आ गया वो गुजर ज़माना ………………………. क्या फिर वाही होएगा जो होता आया है,खैर कुछ भी हो ……………………. ऊपरवाला तो है ही घबड़ाना नहीं।
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