नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)| सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई, स्वच्छता और संक्रमण को काबू में करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 19 प्रमुख अस्पतालों को सप्ताह के अलग-अलग दिन अलग-अलग रंग की चादरों का प्रयोग करने का निर्देश दिया।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि रोज चादरें बदली जा सकें। अब सोमवार को सफेद, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरी, गुरुवार को पीली, शुक्रवार को बैंगनी, शनिवार को नीली और रविवार को हल्के भूरे या धूसर रंग के चादरों का प्रयोग किया जाएगा।
इन 19 अस्पतालों में सभी ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), सफदरजंग अस्पताल, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) चंडीगढ़ और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईपीएमईआर), पुड्डुचेरी शामिल हैं।
मंत्रालय द्वारा 29 मार्च को जारी इस आदेश में कहा गया है, “मंत्रालय ने अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग रंग के चादरों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।”
अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव अरुण पांडा ने आईएएनएस को बताया, “हम इसे लागू करके देखते हैं। अगर यह सफल रहा तो देश के सभी सरकारी अस्पतालों में इसे लागू किया जाएगा। इन्हें लागू किया जा रहा है या नहीं, समय-समय पर इसका औचक निरीक्षण कराया जाएगा।”
सरकार ने यह कदम कायाकल्प योजना के तहत उठाया है। इस कार्यक्रम को सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 80 फीसदी आबादी स्वास्थ्य देखभाल के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं।
सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिकारियों को पिछले कुछ महीनों से सरकारी अस्पतालों में संक्रमण की बढ़ोतरी की ढेर सारी शिकायतें मिली थी। सरकार द्वारा यह फैसला लेने का प्रमुख कारण एक ही चादर को कई दिन तक बिछाए रखना है, यहां तक कि नए मरीज के आने पर भी चादरें बदली नहीं जाती है।
इस बारे में एम्स, दिल्ली के निदेशक एम. सी. मिश्रा ने बताया, “यह एक ही चादर को दुबारा प्रयोग से रोकने का अच्छा कदम है। हम इसे पूरी तरह लागू करेंगे। एम्स में पहले से ही अलग-अलग रंगों की चादरों का प्रयोग किया जा रहा है।”
वहीं, दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ए. के. गधपाहिले ने कहा, “हमने इस आदेश को लागू कर दिया है और मंत्रालय के आदेशानुसार चादरों की खरीद कर ली गई है।”