मुंबई, 22 मार्च (आईएएनएस)। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर तिमाही नतीजों की संभावना के साथ सकारात्मक रुझानों की कमी के कारण आगामी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा सकती है।
जाएफिन एडवाइजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देवेंद्र नेवगी ने आईएएनएस को बताया, “बाजार कंपनियों के चौथी तिमाही के आमदनी नतीजों को लेकर चौकस है। ऐसी संभावना है कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक उत्साहवर्धक नहीं रह सकते हैं।”
नेवगी के मुताबिक, बाजार आने वाले सप्ताह में वैश्विक संकेतों पर भी नजर रखेगा। सोने और तेल की कीमतों पर भी नजर रखी जाएगी।
कोयला खनन (विशेष प्रावधान), खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) और विनियोग विधेयक 2015-16 के पारित होने का भी बाजार पर असर पड़ेगा।
संसद का बजट सत्र एक महीने लंबे अवकाश के बाद दोबारा 20 अप्रैल को शुरू होगा।
कोटक सिक्योरिटीज में निजी ग्राहक समूह अनुसंधान के प्रमुख दीपेन शाह ने आईएएनएस को बताया, “बाजार महत्वपूर्ण विधेयकों जैसे भूमि अधिग्रहण विधेयक से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रख रहा है। इसके अलावा, बाजार चौथी तिमाही के नतीजों का भी इंतजार कर रहा है। ऐसी संभावना है कि चौथी तिमाही के नतीजे कमजोर रह सकते हैं।”
दूसरी तरफ, नेवगी ने कहा कि बाजार पारित हो चुके विभिन्न विधेयकों के जमीन स्तर पर क्रियान्वयन पर नजर रखेगा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि ब्याज दरों में वृद्धि साल के अंत तक हो सकती है। इससे भारत जैसे बाजारों को बड़ी राहत मिली है।
अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारत जैसे उभरते बाजारों से दूर जा सकते हैं।
जियोजित बीएनपी परिबास के उपाध्यक्ष गौरांग शाह ने कहा, “घरेलू बाजारों में स्पष्ट रुझान की कमी की वजह से निकट अवधि में वैश्विक बाजारों से संकेत मिलेंगे, जिससे आगामी समय में बाजार में उतार-चढ़ाव देखी जा सकती है। निवेशकों को छोटी अवधि के लिए हमारी सलाह मुनाफावसूली से पैसा कमाने की है।”
शाह ने कहा, “घरेलू मोर्चे पर जारी किए जाने वाले आंकड़ों में खुदरा महंगाई दर बढ़ सकती है। क्योंकि बेमौसम बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे हाल के दिनों में खाद्य एवं खाद्यं संबंधी कमोडिटीज की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इस वजह से सीपीआई महंगाई दर बढ़ने की संभावना है।”
आगामी सप्ताह में फरवरी के खुदरा महंगाई आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी बाजार के लिए चिंताजनक होगी। इसकी वजह से अगले महीने आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं धुंधली होगी।
आरबीआई सात अप्रैल को 2015-16 की अपनी पहली द्वैमासिक नीतिगत समीक्षा बैठक करेगा।
20 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) 242.22 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,261.08 पर बंद हुआ।
पिछले 13 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 945.65 अंक यानी 3.21 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 28,503.30 पर बंद हुआ था। यह 2015 की अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी।