नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख किफायती विमानन कंपनियों ने सभी सामानों पर शुल्क लगाने की अनुमति मांगी है।
निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रचलनों के मुताबिक यह अनुमति मांगी है।
एयरएशिया इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी प्रमुख किफायती विमानन कंपनियों ने इसके लिए निदेशालय से अनुमति मांगी है।
अभी यात्रियों को अपने साथ 15 किलो ग्राम तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है।
ताजा प्रस्ताव के मुताबिक, विमानन कंपनियां अलग-अलग सामानों पर 250 रुपये से 1,500 रुपये तक शुल्क लगा सकती हैं।
कंपनियों ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि जिन यात्रियों के साथ कोई सामान नहीं होगा, उन्हें छूट दी जाएगी।
अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “हमने सभी विमानन कंपनियों से राय मांगी है। हम अन्य पक्षों की भी राय लेंगे और उसके बाद ही प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।”
अधिकारी ने कहा कि नई नीति किफायती और पूर्ण सेवा सभी प्रकार की विमानन कंपनियों के लिए समान रूप से लागू होनी चाहिए।